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मसीह ही जीवन और जोयती


उस में जीवन था और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति थी।
[युहन्ना 1:4]

जीवन हम सबको अमूल्य है, और इस जीवन को सफल और उत्तम बनाने के लिया हमारे पास कई प्लान है। हम इस तेज़ भाग दौड़ जिंदगी में इतने व्यस्त हें की हम यह भूल जाते है की  हमारे यह जीवन हमें हमारे परमेश्वर ने दीया है। वोह ही हमारे इस जीवन का रचेता और पालनकर्ता है, और उसके बिना हमारे इस शारीर में जीवन न होगा। इस ब्लॉग के संदार्ब में  बताये  हुआ पढ़ में युहन्ना ने परमेश्वर को जीवन और वह जीवन सभी के लिए ज्योति  का प्रमाण था। अगर हम इस पढ़ को समज पाए तो हम जीवन का मतलब समज सकते है।

परमेश्वर ही जीवन है। परमेश्वर हम में रहंगे तो ही हम जीवन को जी पायेंगे। येही सही मईनेमे जीवन जीने का तरीका है। परमेश्वर को पेचानो ... वो कैसे जीया, कैसे वो दूसोरो के लिया एक आशीष का माध्यम बना, कैसे वो  अपने पिता के आगया का पालन करता था। परमेश्वर ने अपनी प्राण  हमारे लिया दिया ताकि हम जी सके और हमको मिली इस एक  नई ज्योति  के मदत से अपनी जीवन को एक  नया उदेश और दिशा दे सके। क्या हम भी इस तरह का जीवन जीने का प्रयास कर सकते है जो दूसरो के लिये एक अनुग्रह बने, या फिर सिर्फ अपने बारे में ही सोच सकते हें। परमेश्वर हममे जब जीना अरम्ब करेंगे वोही जीवन हमारे और दूसरों के लिये लाब्ध्यक होगा।

इस ब्लॉग के संदार्ब में  बताये  हुआ पढ़ में आगे हम देकथे है की यह जीवन (परमेश्वर) मनुष्यों की ज्योति  थी। हम सबको ज्योति का महत्व पता हें। बिना ज्योति के रात्रि कही भी आना जाना मुश्किल  है, विशेषकर गाँव देहातो में बिना ज्योति और रौशनी जीवन जीना अस्संभव है। रौशनी का उत्तम उदहारण है - लाइटहाउस। सागर किनारे यह लाइटहाउस कितने जहाजो को रास्ता दिकता है।

 यह सरे ज्योति और रौशनी के उदहारण हमे एक प्रत्क्श, जिसे हम अपने आँखों से देख सकते हैं, वैसा एक उदहारण हैं। क्या हमने कभी अद्रिश ज्योति और रौशनी के बारे में विचार किया है? इस ब्लॉग के संदार्ब में  बताये  हुआ पढ़ में इस तरह के एक अद्रिश ज्योति के बारे में कहा जा रहा हैं।

यह अद्रिश ज्योति न सिर्फ हमारे लिए या फिर कुछ लोगों के लिये , पर मनुष्यों की ज्योति हैं। मनुष्यों एक बहुवचन सब्ध हैं। तो इसका मतलब है की जब परमेश्वर हममे आ जाये और इस चमत्कार का हमको अनुभव हो और विश्वाश करे तब हमारा यह नया जीवन, हमारे लिये और सरे मनुष्यों के लिए एक अनुग्रह बन जायेगा।

परमेश्वर का वचन हमे  उनके जीवन के बारे मैं बताता है, जिसके  निरंतर चिंतन से  हमे आवश्यक शकती और प्रेरणा मिल सकती हैं। कृपया प्रतिदिन परमेश्वर का वचन का चिंतन करे और अपने जीवन की ज्योति और रौशनी सबको एक अनुग्रह बने, इसकी प्राथना करे।

प्रभु अनुग्रह है ....

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